पूजा करते समय मधुमक्खी का आना शुभ होता है या अशुभ ‌? जाने शास्त्र क्या कहता है ?

पूजा करते समय मधुमक्खी का आना शुभ होता है या अशुभ ‌? जाने शास्त्र क्या कहता है ?
पूजा करते समय मधुमक्खी का आना शुभ होता है या अशुभ ‌? जाने शास्त्र क्या कहता है ?
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Pooja Karte Samay Madhumakkhi Ka Aaana: अगर आप सनातनी हैं, तो निश्चित तौर पर ही घर में पूजा पाठ करते होंगे. लेकिन क्या आपको पता है की पूजा करते समय मधुमक्खी का आना शुभ होता है या अशुभ? अगर आप भी इस प्रकार के सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ सकते हैं। वैसे हमारे धर्म में कई सारी हवन सामग्री पूजा पाठ इत्यादि किए जाते हैं। कई बार यह घर पर तो कभी-कभी मंदिर और कुलदेवी की स्थान पर भी किए जाते हैं ।

मंदिरों में या कुलदेवी के स्थान पर किए जाने वाले हवा ने पूजा पाठ के दौरान कई बार मधुमक्खी कीड़े मकोड़े या अन्य जीव पूजा और हवन सामग्री की तरफ आकर्षित होने लगते हैं। ऐसे में सभी जीव जंतुओं का आना शुभ होता है या नहीं? ऐसे सवाल हर किसी के मन में घूमते रहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दे की मधुमक्खी का आना पूजा के दौरान बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन इसके अलावा भी आपको कई सारी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पूजा करते समय मधुमक्खी का आना

अगर बात शास्त्रों की की जाए तो शास्त्रों के अनुसार पूजा करते समय मधुमक्खी का आना अच्छा शगुन माना जाता है क्योंकि मधुमक्खियां को धरती माता और सूर्य देवता का दूध वॉक माना गया है इसी वजह से अगर मधुमक्खी पूजा के दौरान आपके आसपास आती है तो यह आपके लिए शुभ समृद्धि और खुशी फहराने का संकेत है। मधुमक्खियां का आध्यात्मिक अर्थ, कायाकल्प, दिव्यता, प्राकृतिक दुनिया के रहस्य, जीवन की मिठास, प्रकृति सद्गुणों से जुड़े हुए जीव के रूप में देखा जा सकता है।

अंततः मधुमक्खियां पूजा पाठ के द्वारा अगर आपके मंदिरों में आती है तो यह सकारात्मक प्रभाव और ऊर्जा को दर्शाता है। इससे व्यक्ति के जीवन में गुप्त ज्ञान, अमृत का प्रतीक और ज्ञान विज्ञान जैसे गुण में वृद्धि होती है। ऐसा भी माना जाता है कि मधुमक्खी ‘धन को आकर्षित’ करती है। लेकिन अधिकतर समय मधुमक्खियां का झुंड बसंत ऋतु या गर्मी के समय ही आता है। क्योंकि इस वक्त इन्हें शरीर को ठंडा रखने के लिए ठंडा स्थान की आवश्यकता होती है।

पूजा के दौरान क्या मधुमक्खी के आने से कोई नुकसान है?

कई बार क्या होता है अगर आप पूजा कर रहे हैं ऐसे में मधुमक्खी या उनका झुंड पूजा के आसपास आ जाता है तो ऐसे में किसी को मधुमक्खी के द्वारा किसी को काट लेने का खतरा अधिकतम बढ़ जाता है । क्योंकि मधुमक्खियां आक्रामक स्वभाव की होती हैं। अगर इन्हें थोड़ा भी खतरा महसूस होता है या अन्य कोई भी परेशान करता है तो यह उसे काट लेती है।

कुछ रिपोर्ट में देखा गया कि जब कोई मधुमक्खी काट लेती है तो कई बार इसे जान भी चली जाती है। हालांकि यह मधुमक्खी की प्रकृति पर भी निर्भर करता है। अगर दूसरा कोई जीव आ जाता है तो इससे भी आप लोगों को जनहानि का सामना करना पड़ सकता है । इसलिए आवश्यक है कि आसपास की जगह की देखभाल करके ही पूजा पाठ की व्यवस्था बनानी चाहिए। इसके लिए आप लोग साफ सफाई का ध्यान रखने के साथ-साथ पूजा करने वाले स्थान के चारों तरफ जाली की व्यवस्था भी कर सकते हैं। इससे मधुमक्खी के आने का खतरा कम हो जाएगा और जनहानि की समस्या भी नहीं रहेगी।

पूजा के दौरान मधुमक्खियां क्यों आकर्षित होती हैं?

यह भी प्रश्न आपके मन में आ सकता है कि अगर कहीं पर पूजा हो रही है. अगर पूजा घर से बाहर मंदिर या फिर जंगल में देवी देवताओं के स्थान पर हो तो ऐसे में मधुमक्खियां या अन्य जीव और कीड़े- मकोड़े वहां पर आकर्षित होने लगते हैं। इसका मुख्य कारण पूजा सामग्री से आने वाली खुशबू हो सकती है । जो उन जीव के लिए भोजन का काम कर सकती है। इसलिए अधिकतर जीव पूजा सामग्री के आसपास मंडराते रहते रहते हैं।

मधुमक्खी काट ले तो क्या करें ‌?

अगर आप जंगल में हैं जब आप लोग ऐसे रास्ते से गुजर रहे हैं जहां पर कोई डॉक्टर नहीं है. तो ऐसे में अगर आपको मधुमक्खी काट लेती है तो इसका कुछ गांव के स्थानीय लोगों के अनुसार यह इलाज हो सकता है कि अगर आपके पास कोई लोहे की नुकीली वस्तु है तो आप लोग उसे किसी पत्थर पर घिसकर जहां पर मधुमक्खी ने काटा है उसे जगह पर लगाने पर आप लोगों को आराम मिल सकता है। इसके बाद आप लोग डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं।


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