बिसलेरी के मालिक अपनी कंपनी क्यों बेच रहे हैं ?

बिसलरी के मालिक अपनी कंपनी क्यों बेच रहे हैं ? : दोस्तों अगर आपको थोड़ी बहुत भी बिजनेस से संबंधित न्यूज़ पढ़ने की में रुचि है, तो आपको अभी तक इतना तो पता चल ही गया होगा कि बिसलेरी की मालिक रमेश चौहान अपनी कंपनी बिसलरी को बेच रहे हैं | लेकिन क्या आपको पता है कि बिसलेरी के मालिक ऐसा क्यों कर रहे हैं ? अगर यह जानना चाहते हैं तो आप एकदम सही पोस्ट पढ़ रहे हैं | 

बिसलेरी के मालिक अपनी कंपनी क्यों बेच रहे हैं ?

आपको बता दें कि बिसलरी के मालिक रमेश चौहान अपनी कंपनी बिसलरी को टाटा ग्रुप को बेच रहे हैं | करीब 30 साल पुरानी कंपनी बिसलरी और टाटा समूह की होने वाली है | अंग्रेजी अखबार द इकोनॉमिक टाइम्स ने डिस्टलरी के मालिक रमेश चौहान से बातचीत के दौरान इस बात को जानने की कोशिश की है कि आखिर रमेश चौहान अपनी कंपनी को क्यों बेच रहे हैं ? आइए जानते हैं | 

बिसलरी कंपनी 

हम सभी लोग जानते हैं कि बिसलेरी पीने के पानी की कितनी बड़ी कंपनी है | करीब 30 सालों से बिसलेरी अपनी सेवाएं भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के कोनो कोनो में पहुंचा रहे हैं | लेकिन आप बिसलरी के मालिक रमेश चौहान अपनी कंपनी को टाटा ग्रुप के हाथों में शॉप रहे हैं अर्थात टाटा ग्रुप को बेच रहे हैं | ऐसा क्यों कर रहे हैं इसकी जानकारी तो आपको आगे इसी पोस्ट में मिलने वाली है | 

अंग्रेजी का प्रसिद्ध अखबार द इकनॉमिक टाइम्स ने बिसलरी के मालिक रमेश चौहान से बातचीत की, जिसके बाद करीब 82 साल के रमेश चौहान ने इस दौरान बताया कि अपनी कंपनी में है टाटा ग्रुप को क्यों बेच रहे हैं ? उन्होंने बताया कि बिसलरी कंपनी को रिलायंस और नेस्ले जैसी बड़ी कंपनियां भी इसे खरीदना चाहती है | लेकिन उन्होंने इसके लिए टाटा ग्रुप को इसलिए चुना क्योंकि "मुझे टाटा समूह ईमानदारी और जीवन के मूल्यों का सम्मान करने वाली संस्कृति पसंद है | " इसलिए उन्होंने टाटा ग्रुप को अपनी कंपनी बेचने का फैसला किया | 

बिसलरी के मालिक अपनी कंपनी क्यों बेच रहे हैं ? 

परंतु अब सवाल यह आता है कि भारत की सबसे बड़ी ड्रिंकिंग वॉटर बेचने वाली कंपनी बिसलरी के मालिक अपनी कंपनी क्यों बेच रहे हैं ? तो हम आपको बता देना चाहते हैं कि जब इस सवाल को विश्वरी के मालिक रमेश चौहान से पूछा गया तब उन्होंने बताया कि उनके पास इस कंपनी को संभालने और आगे चलाने के लिए कोई उत्तराधिकारी नहीं है| 

इसके अलावा उनकी बेटी को बिजनेस में किसी भी प्रकार की कोई रुचि नहीं है इस वजह से उन्होंने अपनी कंपनी को टाटा ग्रुप को बेचने का फैसला किया | इसी के साथ बिसलरी के मालिक रमेश चौहान ने टाटा ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों की तारीफ भी की | इसी के साथ आपको बता दें कि रमेश चौहान बिसलरी में माइनॉरिटी स्टेट ही नहीं लेना चाहते हैं |