National Education Day 2022: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर जानिए , डॉ अबुल कलाम आजाद कौन थे?

National Education Day 2022: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर जानिए , डॉ अबुल कलाम आजाद कौन थे?

Dr. Abul Kalam Azad: डॉ अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर हर साल पूरे भारत में 11 नवंबर को नेशनल एजुकेशन डे 2022 अर्थात राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है | डॉ अबुल कलाम आजाद कौन थे ? आज की इस पोस्ट में हम आपको इसकी जानकारी देने वाले हैं | 

National Education Day 2022:  राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर जानिए , डॉ अबुल कलाम आजाद कौन थे?

इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2022 के इस अवसर पर हम आपको National Education Day 2022 की थीम और उद्देश्य के बारे में भी जानकारी देने वाले हैं | साथ ही साथ में आपको हम डॉ अबुल कलाम आजाद की जीवनी ( Dr. Abul Kalam Azad Biology in Hindi) के बारे में भी जानकारी देने वाले हैं | 

National Education Day 2022 

हर साल 11 नवंबर को डॉ कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर नेशनल एजुकेशन डे 2022 अर्थात राष्ट्रीय शिक्षा दिवस को बड़े धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है | अतः यह दिन डॉक्टर अबुल कलाम आजाद को समर्पित है, क्योंकि वह पहले से ही जानते थे कि अगर हम इस भारत देश को विकास की राह पर ले जाना चाहते हैं तो उसमें शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है | 

अतः डॉ अबुल कलाम आजाद ( Dr. Abul Kalam Azad) पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारत में आधुनिक शिक्षा पद्धति को लाने के लिए कई सारे प्रयास किए | आपको बता दें कि डॉ अबुल कलाम आजाद ना केवल 1 शिक्षाविद् थे, बल्कि इसके अलावा डॉ अबुल कलाम आजाद एक स्वतंत्रता सेनानी और पहले शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं | 

National Education Day 2022 Theme 

अगर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2022 के इस अवसर पर इसकी थीम (National Education Day 2022 Theme) की बात करें तो इस साल की थीम है - Changing Course, Transforming India | इसका मतलब है कि - कोर्स बदलना शिक्षा को बदलना  | 

Dr. Abul Kalam Azad Biology 

आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस है, जिसे हर साल 11 नवंबर को डॉ अबुल कलाम आजाद की जयंती पर मनाया जाता है | अतः हम आपको अब डॉक्टर अऊब कलाम आजाद की जीवनी (Dr. Abul Kalam Azad Biology in Hindi) के बारे में बताने वाले हैं | जिससे आप भी इन से प्रेरणा ले सकें | 

डॉ अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर को साल 1888 में हुआ था | अतः उनके जन्म दिवस के अवसर पर ही हर साल उनके द्वारा किए गए कार्यों तथा इन को सम्मान देने के लिए 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है | हम आपको बता देना चाहते हैं कि डॉ अबुल कलाम आजाद ना केवल एक शिक्षाविद् थे, बल्कि भारत की आजादी में सम्मिलित होने वाले एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे | 

इसके अलावा हम आपको बता देना चाहते हैं कि डॉ अबुल कलाम आजाद की माता जी एक अरबी मूल की स्त्री थी, इसके अलावा उनके पिता का नाम मोहब्बत खैरूद्दीन था, जो कि एक फारसी से संबंधित थे | 

अतः बात उस समय की है जब भारत में पहला स्वतंत्र संग्राम 1857 चला था, उस समय डॉ अबुल कलाम आजाद के पिता मोहम्मद खैरूद्दीन कोलकाता को छोड़कर मक्का चले गए थे | जिसके बाद आजादी मिलने के बाद साल 1890 के समय में मोहम्मद खैरूद्दीन वापस भारत में आ गए थे | 

उस समय डॉ अबुल कलाम आजाद केवल 11 साल के थे, उनकी माता का देहांत हो गया था | इसके अलावा मैं आपको बता दें कि भारत के कोलकाता में मोहब्बत अबुल कलाम आजाद को एक मुस्लिम विद्वान के रूप में पहचान मिल चुकी थी | इसके बाद उन्होंने कई सारे ग्रुप में से उर्दू फारसी हिंदी अरबी और अंग्रेजी भाषाओं में भी शिक्षा ग्रहण की | 

इसके अलावा आपको बता दें कि दर्शनशास्त्र के साथ-साथ इतिहास और गणित में भी शिक्षा ग्रहण की थी |आगे चलकर डॉ अबुल कलाम आजाद ने भारत के पहले शिक्षा मंत्री होने के पद को भी संभाला | अतः वह मरने के बाद 1992 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है |

हम आपको बता देना चाहते हैं कि डॉ अबुल कलाम आजाद ने कई सारी रचनाएं लिखी हैं जिनमें से मुख्य हैं - इंडिया विंस फ्रीडम (भारत की आजादी की जीत), तर्जमन-ए- कुरान अंजुमन-ए-हिंद  | इसके अलावा उन्होंने एक पत्रिका भी निकाली जिसका नाम अल हिलाल है |