Mahesh Babu : पहले भाई, फिर माता और अब पिता तीनों महेश बाबू को छोड़कर चले गए

Mahesh Babu Father Death: महेश बाबू के पिता कृष्णा घट्टामनेनी का निधन, मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

साउथ की सुपरस्टार महेश बाबू के पिताजी का निधन हो चुका है | इस साल 2022 में महेश बाबू ने अपने भाई और माता को तो कोई दिया था | लेकिन अब उनके पिता कृष्णा गट्टा मनाने का भी हो चुका निधन | तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी है | 

Mahesh Babu : पहले भाई, फिर माता और अब पिता तीनों महेश बाबू को छोड़कर चले गए

पेशे से साउथ के सुपरस्टार कृष्ण घटतमानेनी अब सिनेमा की नहीं बल्कि इस दुनिया को ही छोड़ कर जा चुके हैं | जी हां दोस्तों महेश बाबू के पिताजी कहे जाने वाले कृष्ण घटारानी का अचानक निधन हो चुका है | उनका निधन 15 नवंबर को हैदराबाद में 79 वर्ष की उम्र में सुबह 4:00 बजे के आसपास हो चुका है | इसके बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक सदमा लग चुका है | 

महेश बाबू के पिता का हुआ निधन 

तेलुगू सिनेमा के सुपरस्टार कहे जाने वाले कृष्ण घटतमानेनी महेश बाबू के पिताजी का निधन हो चुका है | अपने हुनर से फिल्मों में एक नई दिशा देने वाले बाबू के पिता अब इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके हैं | कृष्णा घटा मनानी ना केवल अपनी अभिनय की कला के लिए जाने जाते हैं |

बल्कि उन्होंने फिल्मों में निर्देशन का कार्य भी बड़ी शिद्दत के साथ किया है | इनके निर्देशन में तेलुगू सिनेमा की कई सारी फिल्में बनी है | इस हिसाब से कृष्णा घटा मनाने एक सफल निर्देशक तथा फिल्म निर्माता थे | इसी वजह से उन्हें साल 2009 में पद्मभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है | इतनी महान अभिनेता, फिल्म निर्माता और निर्देशक इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके हैं | 

सोमवार को हुई थी मृत्यु 

आपको बता दें कि दिग्गज साउथ फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड फिल्म अभिनेता महेश बाबू के पिता कृष्णा घटा मनाने को सोमवार को अचानक हार्ट अटैक आने के बाद हैदराबाद की अस्पताल में भर्ती कराया गया | जिसके बाद अब वह इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके हैं | 

इनकी मृत्यु के इस दुखद समाचार पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने अपने ऑफिशल टि्वटर हैंडल के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि भी दी है| इस साल की शुरुआत में महेश बाबू ने अपने भाई को खो दिया, इसके बाद अपनी माता इंदिरा देवी तथा अब पिता कृष्णा घटतमानेनी को खो दिया | अतः यह साल देश बाबू के लिए बहुत बुरा साल रहा है |