चंद्र ग्रहण 2022 : लगने वाला है, चंद्र ग्रहण , सूतक कल में भूलकर भी न करें ये काम

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चंद्र ग्रहण 2022 : दोस्त जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि आज चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है | इस साल चंद्र ग्रहण में कुछ विशेष इसलिए भी होने वाला है क्योंकि अभी हाल ही में दिवाली के अवसर पर सूर्य ग्रहण लगा था | जिसके बाद से यह चंद्र ग्रहण नवंबर महीने में लग रहा है | 

चंद्र ग्रहण 2022

अगर आप जानना चाहते हैं कि सूतक काल इस चंद्र ग्रहण के दिन कब से लगने वाला है ? इसके अलावा आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए कई सारी जानकारियों को इस आर्टिकल में हम कवर करने वाले हैं | इसके अलावा आपको यह जानकारी भी देने वाले हैं कि चंद्रग्रहण क्या होता है ? 

चंद्र ग्रहण 2022 

आज यानी कि 8 नवंबर 2022 को इस साल 2022 का सबसे आखरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है |आपको बता दें कि यह चंद्रग्रहण भारत के कुछ विशेष हिस्सों से दिखाई देने वाला है | जो कि 5:20 से लेकर शाम को 6:20 दिखाई देगा | जबकि सूतक काल सुबह के 8:00 बज कर 21 मिनट पर ही शुरू हो रहा है | अतः मंदिर के पट 8:21 पर बंद कर दिए जाएंगे | 

चंद्र ग्रहण क्या होता है ? 

अगर आप नहीं जानते हैं कि चंद्रग्रहण क्या होता है तो हम आपको बता देना चाहते कि चंद्रग्रहण एक ऐसी का गोली घटना है जिसमें चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य अपनी वृत्तीय परिधि पर परिक्रमा के दौरान पृथ्वी के चक्कर लगाने वाला चंद्रमा उसके ठीक पीछे पर छाया में आ जाता है | जिसकी वजह से पृथ्वी पर सूर्य की रोशनी सीधी तरीके से ना गिरकर चंद्रमा पर पड़ती है | फिर चंद्रमा की छाया प्रति पर गिरती है | इस प्रकार की स्थिति को खगोलीय विज्ञान में चंद्रग्रहण के नाम से जाना जाता है | 

इसके विपरीत अगर हम हिंदू धर्म की बात करें तो हिंदू धर्म में पुराणों के अनुसार चंद्र ग्रहण में चंद्र नाम के देवता को अत्यधिक कष्ट सहना पड़ता है | इसके पीछे भी एक पौराणिक कहानी है | जिसमें आपको राहु और केतु नाम के दो राक्षस समुद्र मंथन के दौरान देवताओं में सत्संग अमृत बांटा जा रहा था | 

उस समय जानबूझकर धोखे से देवताओं की लाइन में लग जाते हैं | जैसे ही दी कुछ देवताओं के द्वारा भगवान विष्णु को इसकी सूचना दी जाती है तो भगवान विष्णु अपने सुदर्शन चक्र से राहु और केतु का सिर काट देते हैं | इसी वजह से यह राहु केतु नाम के दो राक्षस चंद्रमा को पूर्णिमा के दिन ग्रस लेते हैं | यही इसकी पौराणिक कहानी है | 

चंद्र ग्रहण और गर्भवती महिला 

आप सभी लोग जानते हैं कि हमारे जो बूढ़े और पुराने लोग होते हैं, पैसा भी करोड़पति महिलाओं को चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के ऐसे अवसर पर घर से बाहर निकालने के लिए मना करते हैं | इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण यह है कि सूर्य की किरण चंद्रमा पर पड़ने से चंद्रमा से कुछ हानिकारक तरंगे रेडिएशन पृथ्वी पर पहुंचती है | इस वजह से इन तरंगों का असर बच्चे पर हानिकारक हो सकता है | इसलिए सभी लोग गर्भवती महिला को चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण के समय घर से बाहर निकलने के लिए मना की जाती है | 

सावधानियां - 

अगर गर्भवती महिला को किसी कारण बस चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलना पड़ जाता है, तो ऐसी स्थिति में कुछ लोगों के दौरान गैरों को अपने पेट से लगाकर घर से बाहर निकला जा सकता है | इसके अलावा आपको चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की ढोकली चीजों को अपने पास नहीं रखना है | 

इस काल के दौरान भी आपको भगवान जी देवी-देवताओं के दर्शन करने के लिए मना की जाती है | इसी के साथ प्रकृति से छेड़छाड़ और आपको ऐसा काम बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए जिसमें ज्यादा मेहनत या high-intensity वाला काम हो | इसके पीछे का एक वैज्ञानिक कारण है | आप को ध्यान रखना चाहिए | इस तरह के से आप सावधानियां रख सकते हैं | 

चंद्र ग्रहण का समय

इस साल 2022 में चंद्रग्रहण साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है जोकि शाम को 5:20 से शुरू होकर 6:20 तक लगने वाला है | और बात करें सूतक काल की तो सूतक काल सुबह 8:21 पर शुरू हो जाएगा | सूतक काल के दौरान आपको देवी देवता और भगवान के दर्शन बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए | इसी के साथ ही आपको अपने घरों में किसी प्रकार का भोजन बनाने के लिए भी कुछ लोगों के द्वारा मना की जाती है | 

Disclaimer: INshortkhabar.com के इस आर्टिकल में दी गई समस्त जानकारी पौराणिक ग्रंथों तथा इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त की गई है | हम किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं करते हैं |