Kali Chaudas 2022 : काली चौदस क्या होता है | काली चौदस कब है 2022?

Kali Chaudas 2022: आज काली चौदस है. काली चौदस का पर्व मां देवी काली को समर्पित है.

Kali Chaudas 2022 : आज है काली चौदस (Kali Chaudas 2022) . अगर आप जानना चाहते हैं कि काली चौदस क्या होता है ? या फिर काली काली चौदस 2022 कब है ? काली चौदस पर क्या करना चाहिए ? अगर आपके मन में भी इस तरीके के सवाल उठ रहे हैं, तो आप इस पोस्ट को पूरी जानकारी पाने के लिए पढ़ सकते हैं | इस पोस्ट में हम आपको काली चौदस 2022 के संबंधित समस्त जानकारी देने वाले हैं | 

काली चौदस

काली चौदस : जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि भारतीय हिंदू धर्म में भगवान शिव की अर्धांगिनी माता पार्वती का एक रूप काली माता के रूप में भी जाना जाता है | जोकि टीवी किस्से कहानियों की तैयारी में देखने पर काफी ज्यादा भयानक रूप बताया जाता है | काली माता का यह रूप राक्षस, दैत्य और पिशाच के विनाश के लिए ज्यादा जाना जाता है | 

काली चौदस 2022

अतः काली चौदस 2022 का यह त्यौहार माता काली को समर्पित है |इस दिन भगवान शिव की अर्धांगिनी का एक रूप माता काली की पूजा विधि विधान से करने से आपके घर पर किसी भी प्रकार की बुरी तथा काली शक्तियों का प्रवेश नहीं होगा | इसके लिए माता काली को समर्पित एक मंत्र होता है, माना जाता है कि पूजा करते समय इस मंत्र का उच्चारण करने से आपकी पूजा के सफल होने के चांसेस बढ़ जाते हैं | 

काली चौदस 2022 के इस अवसर पर माता काली की पूजा करने से आपके घर में आप शत्रुओं से विजय प्राप्त कर सकते हैं | काली चौदस को भारतीय इतिहास में छोटी दीवाली के नाम से भी जाना जाता है | जैसे मुख्य तिवारी से 1 दिन पहले कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मनाया जाता है | अतः यह त्यौहार माता काली को समर्पित है | 

काली चौदस का महत्व क्या है? 

दोस्तों अगर हम काली चौदस के महत्व की बात करें तो इस छोटी दिवाली के नाम से मशहूर काली चौदस पर माता काली के मंत्र उच्चारण सहित पूजा करने से हमारे घर में क्लेश तथा बुरी शक्तियों के प्रभाव से मुक्ति मिल जाती है | अतः एक लाइन में कहे तो काली चौदस बुरी शक्ति की प्रभाव से मुक्त कराने के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है | जिसकी पूजा करने से माता काली अपने भक्तों की बुरी शक्ति प्रभाव शत्रु से रक्षा करती हैं | 

काली चौदस कब है ? 2022

दोस्तों अगर आप इस साल 2022 में काली चौदस कब है इसके बारे में जानना चाहते हैं तो हम आपको बता दूं कि इस साल काली चौदस आज यानी कि 23 अक्टूबर 2022 को दिवाली से 1 दिन पहले कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर है | जानकारी के मुताबिक बंगाल में काली चौदस को छोटी दिवाली के रूप में काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है | हालांकि बाकी राज्यों में भी इसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है |

काली चौदस 2022 पूजा विधि, मंत्र

अगर आप काली चौदस 2022 के इस अवसर पर माता काली की पूजा करने के लिए विधि-विधान तथा मंत्र के बारे में जानना चाहते हैं तो हम आपको बता देना चाहते हैं कि इस काली चौदस के अवसर पर माता काली की पूजा अंधेरे में एकांत में बैठ कर की जाती है | जानकारी के मुताबिक अंधेरे में बुरी आत्मा तथा बुरी शक्तियों का प्रभाव ज्यादा होता है | इसी वजह से इन बुरी शक्तियों के प्रभाव को कम करने के लिए अंधेरे में माता काली की पूजा की जाती है | 

जब आप काली चौदस 2022 के इस अवसर पर माता काली की पूजा अंधेरे में करने के लिए बैठते हैं तब उस वक्त आपको माता काली की एक तस्वीर या मूर्ति को अपने सामने रखकर करना चाहिए | तथा पूजा करने के साथ-साथ आपको माता काली के शक्तिशाली मंत्र का भी उच्चारण करना चाहिए | 

" ॐ ह्रीं क्लीं अमुकी क्लेदय क्लेदय आकर्षय आकर्षय, मथ मथ पच पच द्रावय द्रावय मम सन्निधि आनय आनय, हुं हुं ऐं ऐं श्रीं श्रीं स्वाहा”. क्लीं क्रीं हुं क्रों स्फ्रों कामकलाकाली स्फ्रों क्रों क्लीं स्वाहा!! “शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे. सर्वास्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोस्तुते..” ओम एं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै. ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा! "

Disclaimer: हमारी वेबसाइट INshortkhabar.com के इस आर्टिकल में अधिकतम जानकारी बड़ी-बड़ी मीडिया रिपोर्ट न्यूज़ एटिन से ली गई है | अतः किसी भी प्रकार की सामग्री का उपयोग करने से पहले आप किसी अच्छे ज्योतिष शास्त्री से सलाह जरूर लें |