गाजियाबाद में कॉलेजों का डाटा हुआ है हैक, डाटा वापस करने के लिए मांगी 5 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो करेंसी

गाजियाबाद में कॉलेजों का डाटा हुआ है हैक, डाटा वापस करने के लिए मांगी 5 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो करेंसी

उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद से एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है | गाजियाबाद की शिक्षण संस्थान साइबर अटैक का मामला सामने आया है | हैकर्स ने लगभग 8 कॉलेज शिक्षण संस्थानों का डाटा हैक कर लिया है, डाटा वापस करने के बदले में वह सरकार से 5 मिलियन डॉलर क्रिप्टो करेंसी की मांग कर रहे हैं |

गाजियाबाद में कॉलेजों का डाटा हुआ है हैक, डाटा वापस करने के लिए मांगी 5 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो करेंसी

दोस्तों जैसा कि आपको पता चल ही चुका है कि एक बड़ी खबर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से निकल कर आ रही है | जिसमें करीब 8 कॉलेज शिक्षण संस्थानों का डाटा हैकर्स के द्वारा हैक कर लिया गया है | जिसे वापस करने के लिए बदले में 5 मिलियन डॉलर की मांग कर रहे हैं | उन्होंने क्रिप्टोकरंसी के तौर पर यह रकम मांगी है | 

पुलिस कंप्लेंट करने की दी है धमकी 

जैसा कि आप सभी लोग जान ही चुके हैं कि एकसमें गाजियाबाद के 8 शिक्षण संस्थानों का डाटा हैक कर लिया है | इसके बदले में उन्होंने क्रिप्टोकरंसी में अच्छी खासी रकम की मांग की है और ईमेल कर कर यह जानकारी शिक्षण संस्थानों को दी है | साथ ही ईमेल में उन्होंने यह भी बताया है कि अगर आपने पुलिस या किसी साइबरसिक्योरिटी वाली कंपनी को कंप्लेन की तो वह इस डाटा को सार्वजनिक तौर पर लीक कर देंगे | 

डेटा लीक करने की दी है धमकी 

कॉलेज शिक्षण संस्थानों का डाटा लीक करने वाले लोगों ने ईमेल के द्वारा चित्र संस्थानों को यह जानकारी दी है कि अगर वह पुलिस कंप्लेंट या फिर अन्य किसी साइबर सिक्योरिटी कंपनी में कंप्लेंट करते हैं, तो वह सभी शिक्षण संस्थानों मैं छात्र-छात्राओं और टीचरों का डाटा लीक कर दिया जाएगा इस की धमकी दी है | शादी में इस रकम को बढ़ाने की भी बात कही है | 

ईमेल के माध्यम से दी जानकारी 

साइबर सिक्योरिटी को और पुलिस को कंप्लेंट ना करने के मामले में हैकर्स ने ईमेल के माध्यम से शिक्षण संस्थानों को जानकारी देकर चेतावनी दी है कि अगर वह पुलिस कंप्लेंट या अन्य किसी प्रकार की कोई भी एक्टिविटी करते हैं तो कॉलेज के छात्र छात्राओं और टीचरों का डाटा सार्वजनिक तौर पर लीक कर दिया जाएगा | 

इसके अलावा ई-मेल में उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि वह पिछले कई सालों से ऐसा काम करते आ रहे हैं | अभी तक उनका कोई भी साथी पुलिस या अन्य किसी साइबर सिक्योरिटी कंपनी के द्वारा पकड़ा नहीं गया है | ऐसे में समस्त छात्र छात्रा और टीचर अपने डेटा को सार्वजनिक होने की टेंशन में है | 

क्रिप्टो करेंसी में मांगी है रकम 

जैसा की आप सबको पता ही चल चुका है कि हैकर्स के द्वारा शिक्षण संस्थानों का डाटा हैक कर लिया गया है | अगर सरकार के द्वारा हैकर्स को उनके द्वारा मांगी गई 5 मिलीयन डॉलर क्रिप्टो करेंसी की रकम नहीं दी गई तो वह सभी टीचर्स का और छात्र-छात्राओं का डाटा को ऑनलाइन सोशल मीडिया अन्य किसी प्लेटफार्म पर लीक कर दिया जाएगा | इसी के साथ उन्होंने सीधा लेनदेन करने पर एक मिलियन डॉलर में मामला निपटाने की बात भी कही है |