नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय बने नीरज चोपड़ा |

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय बने नीरज चोपड़ा |

नीरज चोपड़ा जो कि एक भारतीय एथलेटिक्स हैं | पिछले कुछ दिनों में काफी ज्यादा ट्रेंड कर रहे हैं | अभी हाल ही में उन्होंने एक और कारनामा कर दिखाया है जिसकी वजह से वह है भारत में डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय बताया जा रहा है | इससे पहले भारत में किसी भी व्यक्ति ने ऐसा नहीं किया है | 

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय बने नीरज चोपड़ा |

नीरज चोपड़ा को कौन नहीं जानता है, जो भी व्यक्ति एथलेटिक से स्पोर्ट्स में रुचि रखता है उसे नीरज चोपड़ा के बारे में तो पता होगा ही | पिछले कुछ दिनों में नीरज चोपड़ा ने अपने द्वारा किए गए कारनामों की वजह से सिल्वर मेडल जीता था | और अब उन्होंने एक और खिताब अपने नाम कर लिया है | नीरज चोपड़ा ने 89.08 मीटर पहले थ्रो के साथ डायमंड लीग को जीता है | 

नीरज चोपड़ा ने रचा फिर से इतिहास

जी हां दोस्तों नीरज चोपड़ा जो कि एक भारतीय एथलेटिक्स हैं उन्होंने अभी हाल ही में एक और नया खिताब अपने नाम कर लिया है | दरअसल उन्होंने 89.08 मीटर के अपने पहले थ्रो को फेंका और डायमंड लीग को जीता | ऐसा करने वाली नीरज चोपड़ा पहले भारतीय बन चुके हैं | इसी के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है | 

पहले भी रह चुके हैं इतिहास 

दरअसल नीरज चोपड़ा एक भारतीय एथलेटिक्स है जिन्होंने अपने ओलंपिक में भाला फेंकने के बाद एक और खिताब अपने नाम किया था | जो कि काफी सालों के बाद नीरज चोपड़ा ने यह खिताब जीता था | परंतु अब नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को हुए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है | उन्होंने लुसाने डायमंड लीग 2022 को जीत कर इतिहास रच दिया है | 

आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल नहीं हो पाए थे क्योंकि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान जैवलिन फाइनल में नीरज चोपड़ा को जांघ में चोट आ गई थी जिसकी वजह से उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थी | और फिर इसी कारण नीरज चोपड़ा 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग नहीं ले पाए थे | 

इन सबके बावजूद भारतीय एथलेटिक्स नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग को जीतकर ऐसा करने वाले पहले भारतीय होने का खिताब अपने नाम दर्ज करा लिया है | इसके अलावा आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा ने 7 और 8 दिसंबर को ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल के लिए भी अपने आपको क्वालीफाई भी कर लिया है | यह सब उनके द्वारा की गई मेहनत का ही परिणाम है | वो कहते हैं कि "मेहनत एक दिन में नहीं मिलती, पर एक दिन जरूर मिलती है | "