भारत में मंकीपॉक्स वायरस का पहला केस केरल से सामने आया है, जानिए क्या है इसके लक्षण |

भारत में मंकीपॉक्स वायरस का पहला केस केरल से सामने आया है, जानिए क्या है इसके लक्षण | , मंकीपॉक्स का भारत में पहला केस

मंकीपॉक्स का भारत में पहला केस : दुनिया के लगभग 63 से ज्यादा देशों में फैल चुका मंकीपॉक्स वायरस का केस इंडिया में भी मिल चुका है | आपको बता दें कि मंकीपॉक्स भारत में यह पहला केस है | जोकि केरल के कोल्लम डिस्ट्रिक्ट मे मिला है | जाने कब, कहां और कैसे मंकीपॉक्स वायरस का पहला केस मिला है | 

मंकीपॉक्स का भारत में पहला केस
( Image Credit : Google.com)

जानकारी के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरस से पीड़ित यह शख्स विदेश से भारत आया था | इसके अलावा आपको बता दें कि भारत में इससे पहले कभी भी मंकीपॉक्स वायरस का केस सामने नहीं आया था | 

यह मंकीपॉक्स भारत का भारत में पहला केस है | केरल की स्वास्थ्य मंत्री बीना जॉर्ज ने बताया कि मंकीपॉक्स वायरस से पीड़ित व्यक्ति को विदेश से लौटने के बाद लक्षण देखने की कंडीशन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था | इसके बाद उसके सैंपल लेने के बाद टेस्टिंग के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी को दे दिए गए थे | इसके बाद उस शख्स को मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की गई | 

केरल में मिला मंकीपॉक्स का पहला संक्रमित

आपको बता दें कि जानकारी के मुताबिक विदेश से लौटा एक शख्स केरल के कोल्लम जिले में मंकीपॉक्स से पीड़ित पाया गया | लक्षण देखकर जाने के बाद इसे अस्पताल में भर्ती करने के बाद टेस्टिंग के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी सेंटर को भेजे गए | जहां से इस शख्स के मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की गई | 

मंकीपॉक्स देश में मची हलचल

जैसे ही केरल के कोल्लम जिले में मंकीपॉक्स वायरस के पहला किस मिलने के बाद पूरे देश में हलचल सी मच गई है | आपको बता दें कि केरल में तो लोग इस भारत के पहले मरीज के मिलने के बाद काफी घबरा गए हैं | हालांकि केंद्र सरकार के द्वारा इसके संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं | 

इसके अलावा आपको बता दें कि लगभग 13 दिन में मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं | इसी के साथ अभी तक मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कोई भी इलाज नहीं मिला है | मंकीपॉक्स वायरस का असर से व्यक्ति के शरीर पर छोटे-छोटे फोड़े फुंसी टाइप के आ जाते हैं ‌| गाइड लाइन में कहां गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित पाया जाता है तब उसे आइसोलेशन किया जाना अति आवश्यक है | 

क्योंकि मंकीपॉक्स वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित हो जाता है | अर्थात यह बीमारी एक संक्रमण बीमारी है | अगर आपके आसपास किसी भी व्यक्ति में मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं तब आप उसे इलाज के लिए अपने नजदीकी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में एडमिट कराएं |

क्या है मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण 

दोस्तों अगर आप मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि मंकीपॉक्स वायरस से पीड़ित व्यक्ति में इस वायरस का असर 6 से 13 दिन में होने लगता है | इसके अलावा शुरुआती दिनों में व्यक्ति को बुखार सरदर्द जुखाम बदन दर्द मांसपेशियों में दर्द इत्यादि समस्याएं दिखाई देती हैं | इसके कुछ दिन बाद बड़े-बड़े दाने रोगी के शरीर में निकल आते हैं | जब यह बीमारी अत्यधिक बढ़ जाती है तब उस स्थिति में आंखों की कॉर्निया को भी यह प्रभावित कर सकती है |