Satyendra Nath Bose News: भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस को Google Doodle ने दी श्रद्धांजलि |

Satyendra Nath Bose News: भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस को Google Doodle ने दी श्रद्धांजलि,सत्येंद्र नाथ बोस की बायोग्राफी

Satyendra nath Bose On Google Doodle Newsसत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose)को दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने अपने डूडल पर दिखाकर श्रद्धांजलि दी | 

Satyendra Nath Bose News: भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस को Google Doodle ने दी श्रद्धांजलि |

सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose)भारतीय गणितज्ञ होने के साथ एक फिजिसिस्ट भी थे | इन्होंने फिजिक्स में क्वांटम मैकेनिक्स पर सिद्धांत इस विज्ञान जगत को दिए हैं | भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose)  जो कि विज्ञान की भौतिकी शाखा से संबंधित है, उनका जन्म 1 जनवरी 1894 को हुआ था | 

हेलो दोस्तों ! स्वागत है आपका INshortkhabar.com किए को नई पोस्ट में | आज की इस पोस्ट में हम आपको सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) के बारे में जानकारी प्रदान की है | गूगल डूडल ने 4 जनवरी को सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) की फोटो को अपने होमपेज पर दिखा कर श्रद्धांजलि दी है | 

भारतीय इतिहास के महान गणितज्ञ और वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) को दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने अपने होमपेज के डूडल फीचर में दिखाकर 4 जनवरी को श्रद्धांजलि दी है | इनका जन्म 1 जनवरी 1894 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में हुआ था | 

सत्येंद्र नाथ बोस की बायोग्राफी ( Satyendra Nath Bose Biography)

जैसा कि हम आपको बता ही चुके हैं कि सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) का जन्म 1 जनवरी को साल 1894 में कोलकाता शहर में हुआ था | यह अपने परिवार में सबसे बड़े बेटे होने के साथ इनकी 6 बहने भी थी | \

सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) एक मैथमेटिशियन और भौतिकी की क्वांटम मैकेनिक्स क्षेत्र में  विज्ञान में रुचि रखने वाले महान वैज्ञानिक थे | सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose)ने 1920 के समय में क्वांटम मैकेनिक्स में अपना योगदान भी दिया था | 

भारतीय वैज्ञानिक सत्येंद्रनाथ बोस नहीं बोस आइंस्टाइन अवस्था जोकि पदार्थ की चौथी अवस्था मानी जाती है इसकी खोज की | इसके अलावा उन्होंने Bose Statistics का सिद्धांत भी दिया था | इतने महान वैज्ञानिक को भारत सरकार द्वारा साल 1954 में पद्म विभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था | 

सत्येंद्र नाथ बोस की शिक्षा

सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) में अपनी 5 साल की उम्र में स्कूल शिक्षा शुरू की थी | उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा न्यू इंडियन स्कूल ( The New Indian School) में दाखिला करा कर पूरी करी थी | 

इसके बाद उन्होंने अपने स्कूली शिक्षा के फाइनल नियर में हिंदू स्कूल में एडमिशन लिया | साल 1909 में उन्होंने अपनी बोर्ड की परीक्षा भी पास कर ली थी | उस समय उन्होंने अपनी कक्षा में 5 वी रैंक हासिल की थी | उसके बाद उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंट कॉलेज में एडमिशन ले कर अपनी आगे की पढ़ाई शुरू करी थी |

अपने रिसर्च करियर के दौरान उन्होंने 1916 से 1921 के बीच कोलकाता विश्वविद्यालय के राजाबाजार विज्ञान महाविद्यालय में भौतिकी विभाग में व्याख्याता रह चुके हैं | Saha के साथ उन्होंने अल्बर्ट आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी अर्थात सापेक्षता सिद्धांत पर फ्रेंच और जर्मन पत्रों पर आधारित उन्होंने अपनी पहली पुस्तक 1919 में तैयार की थी | 

1921 में सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय में रीडर के रूप में भी काम कर चुके हैं | बीएससी और एमएससी ऑनर्स को पढ़ाने के लिए उन्होंने कई सारे विभाग भी स्थापित किए हैं | उन विभागों में सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) ने थर्मोडायनेमिक, जेम्स क्लर्क मैक्सवेल का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिद्धांत ही पढ़ाया है | 

सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) ने अपने जीवन काल में काफी बड़ी-बड़ी रिसर्च करके कई सिद्धांत दिए हैं | 4 फरवरी 1974 को भारत के महान वैज्ञानिक और गणितज्ञ इस दुनिया को अलविदा कह गए | 

आज आपने क्या न्यूज़ पढ़ी ? 

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हमने आपको भारतीय गणितज्ञ और भौतिक विज्ञान के वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस (Satyendra Nath Bose) को गूगल ने अपने होमपेज पर दिखा कर श्रद्धांजलि दी है, इस न्यूज़ के बारे में आपको हमें जानकारी दी है | 

इसके अलावा हमने आपको उनके द्वारा किए गए रिसर्च और उनकी निजी जीवन के बारे में आपको जानकारी दी है | अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आती है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें | 

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