अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 : 21 जून को ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस क्यों मनाया जाता है | अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का क्या महत्व है ?

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 : 21 जून को ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस क्यों मनाया जाता है | अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का क्या महत्व है ?

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day 2022) : हमारी निजी जीवन में योग को महत्व को दर्शाने के लिए प्रत्येक वर्ष साल 2014 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर परअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day 2022) मनाया जा रहा है | हमारे जीवन में योग का इतना अधिक महत्व है कि यदि एक आम व्यक्ति इस महत्व को समझ ले तो वह आम से खास हो जाता है | 

सुबह उठने से लेकर शाम तक जितने भी कार्य हमारे द्वारा किए जाते हैं, उन सभी कार्य को हम बेहतर ढंग से कर सकते हैं अगर हम प्रतिदिन सुबह के समय में योग करते हो | योग का हमारे जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है | अगर आप अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day 2022) के बारे में अधिक जानकारी पाना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए |

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 : 21 जून को ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस क्यों मनाया जाता है |  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का क्या महत्व है ?

हेलो दोस्तों ! स्वागत है आपका INshortkhabar.com की एक और नई पोस्ट में | आज की इस पोस्ट में हम आपको अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day 2022) के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले हैं | इसके अलावा हम आपको अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2022 की थीम और इसका क्या महत्व है इसके बारे में भी जानकारी देंगे |

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 ( International Yog Day 2022)

पूरी दुनिया में योग के महत्व को जानने के लिए और योग करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर साल 21 जून कोअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day ) मनाया जाता है | इसको मनाने का उद्देश्य है कि वैश्विक स्तर पर योग का महत्व ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके | 

भारत में जन्मी है योग कला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है| अर्थात योग की ताकत को India के साथ-साथ अन्य देश भी बखूबी तरीके से समझने लगे हैं | विदेशों में अगर कोई व्यक्ति अपने शरीर को हेल्दी और स्वस्थ रखना चाहता है तो वह योग कला को अवश्य अपनाता है | 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2022 थीम ( International Yog Day 2022 theme)

जैसा कि हम आपको बताएं चुके हैं कि साल 201‌5 से हर साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाया जाता है | प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम अलग-अलग होती है | साल 2022 के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम है - ' Yoga For Humanity' अर्थात मानवता के लिए योगा | 

इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2022 की थीम मानवता के लिए इसलिए रखी गई है क्योंकि हम सभी लोग जानते हैं कि पिछले 2 सालों से कोरोनावायरस ने सभी की हालत गंभीर कर दी है | कोरोनावायरस की वजह से व्यक्ति की इम्युनिटी पर भी काफी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली है इसके अलावा आमजन लोग मानसिक बीमारी जैसी परेशानियों से भी सामना करना पड़ा है | 

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 की थीम को मानवता के लिए योग रखा गया है | जिससे कि हम अपनी खोई हुई इम्यूनिटी को योग की मदद से वापस पा सके | 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास ( International Yog Day History)

दोस्तों आप सबको बता दे कि भारत में तो पौराणिक काल से ही योग का महत्व सभी लोग जानते हैं | अर्थात भारत में तो बहुत पहले से योग कला चलती आ रही है परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है | साल 2015 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाया जा रहा है | इस साल यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आठवां वर्ष है | 

देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग के महत्व को देखते हुए साल 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक पहल की थी | यह बात 11 दिसंबर 2014 की है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रस्ताव को पूर्ण बहुमत से पारित किया गया था‌ | 

उस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा के 194 सदस्य देशों में से 177 सदस्य देशों के द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी | फिर 2015 से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day 2022) को पूरी दुनिया सेलिब्रेट करती है |

आज आपने क्या न्यूज़ पढ़ी ? 

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हमने आपको अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yog Day 2022)  के बारे में जानकारी प्रदान की है | इस पोस्ट में हमने आपको अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2022 की थीम, महत्व और इतिहास के बारे में जानकारी दी है | भारत में तो  योग का इतिहास 27000 साल पुराना माना जाता है | 

कहा जाता है कि 27000 साल पहले 200 ईसा पूर्व में महर्षि पतंजलि के द्वारा एक योगसूत्र नाम से ग्रंथ लिखा गया था | इस ग्रंथ में महर्षि पतंजलि ने योग के बारे में समस्त जानकारी संस्कृत भाषा में दी थी | योग एक संस्कृत भाषा का शब्द है | और यह पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है |

दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको आज की हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी | दोस्तों अगर आपको सच में हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो आप उसे अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो कि योग करने में रुचि रखते हो | या फिर ऐसे लोग जो कि अपने शरीर की तंदुरुस्ती को लेकर काफी ज्यादा एक्टिव रहते हो |