छत्तीसगढ़ न्यूज़ 2022 : पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ अभियान’ क्या सरकार के लिए नहीं है ? जो छत्तीसगढ़ में कोयले के लिए पेड़ काट रही है ?

छत्तीसगढ़ न्यूज़ 2022 : पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ अभियान’ क्या सरकार के लिए नहीं है ? जो छत्तीसगढ़ में कोयले के लिए पेड़ काट रही है ?

Chhattisgarh News in Hindi 2022 : यह बात छत्तीसगढ़ की है कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग के अंतर्गत आने वाले जंगलों को छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने काटने का आदेश दे दिया है | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि अगर हमको बिजली चाहिए तो इन पेड़ को काटना ही पड़ेगा | ऐसे में 'पेड़ लगाओ जीवन बचाओ अभियान' का क्या होगा | एक तरफ तो सरकार इस अभियान को खुद ही बढ़ावा देती है और दूसरी तरफ हनन भी खुद ही करती है | 

छत्तीसगढ़ न्यूज़ 2022 : पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ अभियान’ क्या सरकार के लिए नहीं है ? जो छत्तीसगढ़ में कोयले के लिए पेड़ काट रही है ?

हेलो दोस्तों ! स्वागत है आपका INshortkhabar.com एक और नई पोस्ट में | आज की इस पोस्ट में हम आपको छत्तीसगढ़ के जंगल को सरकार ने काटने का आदेश दे दिया है, सिर्फ और सिर्फ कोयले के वजह से | इस न्यूज़ के बारे में आपको जानकारी देने वाले हैं | 

छत्तीसगढ़ में कोयले के लिए काटे जा रहे हैं पेड़ 

दोस्तों आप सब को बता दें कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग के जंगलों को सरकार ने काटने के आदेश दे दिया है | सरकार ने इसलिए ऐसा किया है क्योंकि वहां पर कोयले की खदान है | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि अगर हमें बिजली चाहिए तो इन पेड़ों को काटना ही पड़ेगा | 

छत्तीसगढ़ न्यूज़ 2022 : पेड़ बचाओ, जीवन बचाओ अभियान’ क्या सरकार के लिए नहीं है ? जो छत्तीसगढ़ में कोयले के लिए पेड़ काट रही है ?

साथ ही में उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि इसमें कुछ लोग रुकावट डालने का काम करें | और यह अफवाह फैला रहा है कि 800000 पेड़ करीब इस मिशन में काटे जाने हैं | जबकि सरकार ने केवल 8 हजार पेड़ काटने का आदेश दिया है | और कहां है कि हम इससे भी कहीं ज्यादा पेड़ लगाएंगे | 

छत्तीसगढ़ सरकार के इस अभियान को रोकने के लिए स्थानीय आदिवासी लोगों ने काफी प्रयास किया है | ऐसे में एक स्त्री एक पेड़ की छांव में बैठी थी, उसने रिपोर्टर की ओर इशारा करते हुए कहा कि देखिए साहब पेड़ों को मार गिरा दिया है | उन्होंने इसे मरघट  शाला बना दिया है |

छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र के हसदेव अरण्य का इलाका जिसमें करीब 170000 हेक्टेयर में यह जंगल फैला हुआ है | इस जंगल में कोयले की खदान होने की वजह से सरकार ने यहां के पेड़ों को काटने का आदेश दिया | 

आपको बता दें कि साल 2011 में हसदेव अरण्य के इलाके में फैले इस जंगल को काटने के लिए हरी झंडी दिखाई गई थी | उस समय भी स्थानीय आदिवासी लोगों ने इसका विरोध किया था | लगातार 11 सालों से स्थानीय आदिवासी इस खनन परियोजना का विरोध करते हुए आ रहे हैं | 

साल 2022 में इस खनन परियोजना का दूसरा चरण के अनुसार हसदेव अरण्य के 1,70,000 क्षेत्र में फैले हुए इस जंगल को काटने का आदेश दिया गया है | ऐसे में छत्तीसगढ़ की सरकार का यह कहना है कि हम इससे भी अधिक पेड़ लगाएंगे | 

परंतु दोस्तों हमारा आपसे एक सवाल है कि किसी एक इंसान को मार कर उसकी जगह दूसरा इंसान खड़ा कर दिया जाए तो क्या वह इंसान उस पहले वाले इंसान की कमी को पूरा कर सकता है | 

कहने का मतलब यह है कि सरकार एक तरफ तो पेड़ बचाओ जीवन बचाओ अभियान को बढ़ावा देती है और वहीं दूसरी तरफ सरकार खुद ही इस अभियान का हनन करती हुई नजर आती है | 

अगर पेड़ काटना इतना जरूरी है तो ऐसे में क्या उपाय किया जा सकता ? 

दोस्तों सरकार को सोचना चाहिए कि अगर पेड़ काटना ही इतना ज्यादा जरूरी हो गया है तो इसका कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए | अगर हमें उस खदान से कोयला निकालना है तो इसका मतलब यह तो नहीं कि हमें पेड़ काटने जरूरी है | 

क्या हम पेड़ों का Replacement नहीं कर सकते | अर्थात दोस्तों इस तकनीक के अंतर्गत जब किसी पेड़ को काटने की नौबत आती है, उस स्थिति में हम आधुनिक मशीनों की सहायता से उस पेड़ की जड़ों सहित उखाड़ कर उसे दूसरी जगह लगाया जाता है | इस क्रिया को हम 'पेड़ों का Replacement' कहते हैं | 

आज आपने किया नहीं पढ़ी ? 

दोस्तो आप किस पोस्ट पर हमने आपको बताया है कि कैसे छत्तीसगढ़ में सरकार ने पेड़ों को काटने का आदेश दे दिया सिर्फ और सिर्फ कोयले की कमी को पूरा करने के लिए | 

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