नाजीहा सलीम को गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि | कौन हैं नाजिया सलीम ?

इराक की मशहूर चित्रकार और प्रोफेसर नाज़ीहा सलीम का काम अक्सर बोल्ड ब्रश स्ट्रोक और ज्वलंत रंगों के माध्यम से ग्रामीण इराकी महिलाओं और किसान जीवन को दर्शाता है। 

सर्च दिग्गज गूगल ने आज सलीम की पेंटिंग शैली और कला जगत में उनके लंबे समय से योगदान के जश्न के जश्न में डूडल आर्टवर्क द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की।


नाजीहा सलीम को गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि | कौन हैं नाजिया सलीम ?


नाज़ीहा सलीम एक इराकी चित्रकार, प्रोफेसर और इराक के समकालीन कला परिदृश्य में सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक थीं। उनका काम अक्सर बोल्ड ब्रश स्ट्रोक और ज्वलंत रंगों के माध्यम से ग्रामीण इराकी महिलाओं और किसान जीवन को दर्शाता है। इस दिन 2020 में, नाजीहा सलीम को बरजील आर्ट फाउंडेशन द्वारा महिला कलाकारों के अपने संग्रह में स्पॉट किया गया था।


नाजीहा सलीम कौन है ? 


नाजीहा सलीम इराक की एक मशहूर चित्रकार और एक प्रोफेसर थी | Naziha Salim अपनी चित्रकला में ग्रामीण इराक की महिलाओं को और उनकी स्थिति को अपने चित्रकारी  माध्यम से लोगो को बताया | 


Naziha Salim ने अपनी पेंटिंग या चित्रकारी में ग्रामीण महिलाओं की स्थिति और जीवन-यापन की स्थिति को चित्रकारी के माध्यम से दुनिया के सामने रखा है | 


नाजीहा सलीम की जीवनी (Biography of Naziha salim in Hindi) 


नाजीहा सलीम एक इराक  की रहने वाली ग्रामीण सभ्यता से प्रभावित और इराकी की ग्रामीण महिलाओं की स्थिति को चित्रकला के माध्यम से लोगों को बताने वाली एक चित्रकार थी | नाजीहा सलीम का जन्म सन  1927 में तुर्की के इस्तांबुल में हुआ था | और नाजीहा सलीम ने बचपन की उम्र में ही चित्रकला में रूचि दिखाना शुरु करा दिया था | 


आपको जानकर हैरानी होगी की नाजीहा सलीम के पिता जो की खुद ही एक चित्रकार थे | इस वजह से शायद नाजीहा सलीम के मन में  चित्रकारी को लेकर इतना लगाव था | इसके अलावा उनकी माँ भी कड़ाई की कला में बहुत पारंगत थी | 


नाजीहा सलीम के तीन भाई और थे | वे सभी कला के फील्ड में काम कर रहते थे | एक हिसाब से कहा जा सकता है की नाजीहा सलीम का पूरा परिवार ही कला का स्वामी है | 


वह इराक की एक प्रतिष्ठित शिक्षिका बनीं और फिर सेवानिवृत्ति तक बगदाद में ललित कला संस्थान में पढ़ाया। सलीम अल-रुवाद के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, जो कलाकारों का एक समुदाय है जो विदेशों में अध्ययन करते हैं और इराकी सौंदर्यशास्त्र में कला तकनीकों का योगदान करते हैं। 


नाज़िया ने "इराक: समकालीन कला" पर पुस्तक प्रकाशित की, जो इराक के आधुनिक कला आंदोलन के प्रारंभिक विकास पर केंद्रित है। आज उनकी कृतियों को शारजाह कला संग्रहालय और आधुनिक कला के इराकी पुरालेख में देखा जाता है।


आज गूगल डूडल ने नाजीहा सलीम की तस्वीर को अपने सर्च इंजन पर दिखाकर उनको श्रद्धांजलि भी दी है | सर्च इंजन गूगल के डूडल में दो तस्वीरें दिखाई दे रही हैं, जिसमें नाजीहा सलीम एक तरफ पेंट ब्रश लिए नजर आ रही हैं, वहीं दूसरी तस्वीर में उनकी पेंटिंग की झलक देखने को मिल रही है |