Swami Sivananda Biography in Hindi | स्वामी शिवानंद की जीवनी

Swami Sivananda Biography in Hindi | 125 के Swami Sivananda को योग के लिए मिला पद्मश्री पुरस्कार , नाम, जन्म स्थान,

Swami Sivananda जिन्हें योगा के लिए मिला है पद्मश्री सम्मान | Swami Sivananda ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को प्रणाम किया और धन्यवाद दिया | इस मौके पर हम Swami Sivananda की बायोग्राफी (Swami Sivananda Biography in Hindi) के बारे में आपको बताने वाले है | 21 मार्च को राष्ट्रपति भवन में आयोजित अवार्ड समारोह का एक बड़ा आकर्षण स्वामी शिवानंद ही रहे।


Swami Sivananda Biography in Hindi | 125 के Swami Sivananda को योग के लिए मिला पद्मश्री पुरस्कार

Swami Sivananda बायोग्राफी बताने से पहले हम आपको उनके बारे में पद्मश्री सम्मान के बारे बताने वाले है की उन्हें यह सम्मान क्यों दिया गया और भी बहुत कुछ आपको इस पोस्ट में बताएँगे |  


Swami Sivananda Biography in Hindi


स्वामी शिवानंद ने अपना जीवन आम जनता के लिए समर्पित कर दिया है |  उनका जीवन इतना सामान्य और सरल होने के पीछे केवल और केवल उनकी व्यवस्थित लाइफ ही इसकी वजह है |  स्वामी शिवानंद ने बताया है कि उनका ही है अनुशासित जीवन सुबह योगा से शुरू होकर और बिना तले हुए भोजन करने से शुरू होता है | अर्थात स्वामी  शिवानंद तीन मुक्त भोजन करते हैं और यही उनकी स्वस्थ और अच्छे जीवन की कुंजी है | 


इंटरनेट पर मिली जानकारी के अनुसार स्वामी शिवानंद का जन्म 8 अगस्त 1896 को अविभाजित भारत में सिलहट जिले में हुआ था | जो कि आप वर्तमान में बांग्लादेश का एक हिस्सा है | बांग्लादेश भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है | 


स्वामी शिवानंद ने बताया कि उनके माता-पिता को है अपने बचपन में ही लगभग 6 साल की उम्र में ही छोड़ कर चले गए थे |  और साथ में यह भी बताया कि उनके माता-पिता जो कि एक भिखारी का जीवन जीते थे वह उन्हें पानी और उबले हुए चावल ही खिला सकते थे | 


आपको बता दें कि स्वामी शिवानंद कभी स्कूल नहीं गए | और अपने माता पिता के अंतिम संस्कार के बाद ही वे अपने गुरु जी के आश्रम  चले गए और वहां पर उन्होंने अपनी आध्यात्मिक शिक्षा और योग शिक्षा का ज्ञान अर्जित किया |  स्वामी शिवानंद के गुरु का नाम ओंकारानंद गोस्वामी है |  माता पिता की गुजर जाने के बाद ओंकारानंद गोस्वामी ने  ही उनका पालन पोषण किया | 


गुरुजी ओंकारानंद गोस्वामी  के आश्रम में ही उन्होंने अपना आगे का जीवन व्यतीत किया और  वही पर आध्यात्मिक ज्ञान  की शिक्षा भी ग्रहण की | स्वामी शिवानंद अपने जीवन भर सकारात्मक प्रभाव से प्रभावित रहे हैं | उनका मानना है कि यह संसार ही मेरा घर है और यहां पर उपस्थित सभी लोग मेरे माता पिता और भाई बहन के समान है , यही उनका विश्वास ही रहा है | उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोगों के लिए ही समर्पित कर दिया है | 


स्वामी शिवानंद ने पिछले अपने 50 वर्षों में 400 से 600 कुष्ठ रोगियों से ग्रसित भिखारियों की सेवा की और उसे ही अपना धर्म माना | स्वामी जी का मानना है कि पर उनके जीवित भगवान है और माता-पिता है | उनकी सेवा करना ही मेरा धर्म है | 


स्वामी शिवानंद के स्वस्थ और लंबे जीवन ने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया है, जिसमें 125 साल की उम्र में खुद का टीकाकरण करने के बाद देशवासियों को COVID टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की उनकी प्रतिबद्धता भी शामिल है।


जीवन परिचय एक नजर में - 


नाम : स्वामी शिवानंद

जन्म तारीख : जन्म 8 अगस्त 1896

जन्म स्थान : सिलहट जिले ( वर्तमान में बांग्लादेश ) 

स्कूली शिक्षा : नहीं की

आध्यात्मिक शिक्षा :ओंकारानंद गोस्वामी का आश्रम 

माता और पिता का व्यवसाय : निर्धन और भिकारी 

पुरस्कार : पद्मश्री सम्मान 

उम्र : 125 साल 


अंतिम शब्दों में - 


दोस्तों आपकी इस पोस्ट में हमने आपको पद्मश्री सम्मानित और गिनीज बुक में  सबसे वृद्ध व्यक्ति के तौर पर जिनका नाम लिखा गया है स्वामी शिवानंद उनकी बायोग्राफी  के बारे में हमने आपको इस पोस्ट में बताया है |  अगर आपको यह पोस्ट पसंद आती है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें |